कहाँ ढूंढता है तू मुझें
मैं तेरे ही अंदर हूँ ।
मैं कोई छोटी झील नही
एक गहरा समुन्दर हूँ ।
खोज मत मुझे
मैं ही ब्रह्मा,
मैं ही विष्णु,
और मैं ही शंकर हूँ।
कहाँ ढूंढता है तू मुझें
मैं तेरे ही अंदर हूँ ।
मैं कोई छोटी झील नही
एक गहरा समुन्दर हूँ ।
खोज मत मुझे
मैं ही ब्रह्मा,
मैं ही विष्णु,
और मैं ही शंकर हूँ।